Types of computer operating system कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार और कार्य

Types of computer operating system

Types of computer operating system 




दोस्तों आज की पोस्ट में हम यह जानेंगे कि ऑपरेटिंग सिस्टम(Operating system) क्या है। और यह कितने प्रकार के होते हैं। दोस्त ऑपरेटिंग सिस्टम एक प्रकार का सिस्टम सॉफ्टवेयर है। इसको कार्य करने के आधार पर, उपयोग के आधार पर और विकास क्रम के आधार पर कई भागों में बांटा गया है। हम इस पोस्ट में जानेंगे कि ऑपरेटिंग सिस्टम(Operating system) कितने प्रकार के होते हैं।



ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार (Types of operating systems)


यूजर के आधार पर ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating system) के प्रकार


यूजर के आधार पर ऑपरेटिंग सिस्टम को दो भागों में बांटा गया है।

1-सिंगल यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम (Single user operating system)


 सिंगल यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर पर एक बार में सिर्फ एक ही यूजर कार्य कर सकता है।यानी कि यहां पर एक साथ एक से अधिक यूजर अकाउंट नहीं बनाए जा सकते हैं। केवल एक ही व्यक्ति काम कर सकता है। उदाहरण के लिए जैंसे एमएस डॉस हो गया विंडोज 95, 98 आदि।

2- मल्टी यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम (Multi user operating system)

मल्टी यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम वह होता है जिसमें 1 से अधिक की यूजर अकाउंट बनाए जा सकते हैं और उन पर काम कर सकते हैं मल्टी यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम इसमें प्रत्येक यूजर को कंप्यूटर से जुड़ा एक टर्मिनल दिया जाता है उदाहरण के लिए लाइनेक्स यूनीक एवं विंडोज के आधुनिक वर्जन।

काम करने  के आधार पर ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating system) के प्रकार 

काम करने के आधार पर भी ऑपरेटिंग सिस्टम को दो भागों में विभाजित किया गया है।

1- कैरक्टर यूजर इंटरफेस (Character user interface)-

दोस्तों कैरेक्टर यूजर इंटरफेस ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating system) को कमांड लाइन इंटरफेस के रूप में भी जाना जाता है। इस प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating system) में टाइपिंग के द्वारा कार्य किया जाता है। इसमें कंप्यूटर को ऑपरेट करने के लिए विशेष प्रकार की कमांड दी जाती है। और केवल टेक्स्ट का उपयोग किया जाता है इस प्रकार की ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating system) का एक अच्छा उदाहरण है एमएस डॉस।

2-ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (Graphical user interface)-

ग्राफिकल यूजर इंटरफेस ऑपरेटिंग सिस्टम ग्राफिक्स के आधार पर काम करता है। यानी कि आप इसमें माउस और कीबोर्ड के माध्यम से कंप्यूटर को इनपुट दे सकते हैं। और वहां पर जो आपको इंटरफेस दिया जाता है वह ग्राफिकल होता है। इसलिए इसको ग्राफिकल यूजर इंटरफेस ऑपरेटिंग सिस्टम कहा जाता है। यहां पर सभी प्रकार के बटन होते हैं मेन्यू होते हैं। यह पूरी तरीके से यह बहुत आसान इंटरफेस होता है।



Types of computer operating system



विकास क्रम के आधार पर कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार 


कंप्यूटर के विकास के आधार पर और कंप्यूटर की पीढ़ियों के आधार पर उस में चलाए जाने वाले ऑपरेटिंग सिस्टम(Operating system) का भी विकास हुआ है। विकास क्रम के आधार पर कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम निम्न प्रकार की है।

◾बैच प्रोसेसिंग ऑपरेटिंग सिस्टम  (Batch processing operating system)

◾टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम (Time sharing operating system)

◾मल्टी टॉस्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम(Multi tasking operating system)

◾मल्टी प्रोसेसर ऑपरेटिंग सिस्टम (Multi processor operating system)

◾रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम (Real time operating system)

◾एंबेडेड ऑपरेटिंग सिस्टम (Embedded operating system)

◾डिस्ट्रीब्यूटेड ऑपरेटिंग सिस्टम (Distributed operating system)





बैच प्रोसेसिंग ऑपरेटिंग सिस्टम (Batch processing operating system)- 


बैच प्रोसेसिंग ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर के सबसे पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम में से एक है। इस ऑपरेटिंग सिस्टम में यूजर इस को स्वयं उपयोग करने के बजाय अपने कार्य को पंचकार्ड या इसी प्रकार की अन्य डिवाइस में ऑपरेटर को  देता है। तथा ऑपरेटर सभी कार्यों का समूह बनाकर उसे चला देता है। सामान्यत: बैच ऑपरेटिंग सिस्टम एक बार में एक ही प्रोग्राम चलाता है। इनका उपयोग अब न के बराबर होता है। लेकिन कुछ मेनफ्रेम कंप्यूटर में अभी भी इसका उपयोग किया जाता है। 

टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम (Time sharing operating system) - 


दोस्तो टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग नेटवर्क में किया जाता है। इसके माध्यम से अनेक यूजर एक ही समय में एक ही प्रोग्राम का प्रयोग कर सकते हैं। इस ऑपरेटिंग सिस्टम में यूजर का अकाउंट बना दिया जाता है, जिससे यूजर को यह पता चलता है कि सॉफ्टवेयर उपयोग करने के लिए कितनी परमिशन है।


मल्टी टॉस्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम (Multi tasking operating system) - 

मल्टीटास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम में एक समय में एक से ज्यादा कार्य पूर्ण कराए जा सकते हैं। यानी कि एक बार में बहुत सारे टास्क पूरे कराये जा सकते हैं। वास्तव में प्रोसेसर  जल्दी-जल्दी अलग-अलग कार्यों को समय देता है। जिसे सीपीयू शेड्यूलिंग कहते हैं। यह कार्य इतनी अधिक तेजी से होता है कि यूजर को सभी कार्य एक साथ होते हुए लगते हैं। इसके माध्यम से सीपीयू के खाली समय का सर्वोत्तम उपयोग किया जा सकता है।



मल्टी प्रोसेसर ऑपरेटिंग सिस्टम(Multi processor operating system) - 


इस प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग वहां पर किया जाता है, जहां सिस्टम में एक से ज्यादा प्रोसेसर लगे होते हैं। जिस सिस्टम में एक से ज्यादा प्रोसेसर लगे होते हैं तो इस तकनीक को पैरेलल प्रोसेसिंग भी कहा जाता है।

रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम (Real time operating system) -


 रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम में किसी भी प्रोसेस को क्रियान्वित करने के लिए एक पूर्व निर्धारित समय होता है। जिसे रिस्पांस टाइम कहा जाता है। रियल टाइम ऑपरेटर सिस्टम डाटा प्रोसेसिंग सिस्टम के रूप में भी जाना जाता है। 



इन ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग मुख्य रूप से प्रोसेस कंट्रोल एवं टेलीकम्युनिकेशन में किया जाता है। इनका उपयोग वैज्ञानिक अनुसंधान कार्यों, मेडिकल इमेजिंग सिस्टम, रोबोट्स, हवाई यातायात नियंत्रण, औद्योगिक नियंत्रण इत्यादि में होता है। 
यह कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम दो प्रकार के होते हैं।

1- हार्ड रियल टाइम सिस्टम (Hard real time system ) - 

इस प्रकार की सिस्टम किसी संवेदनशील कार्य को निश्चित समय में पूरा करने में सक्षम होते हैं। और इनमें दूसरी मेमोरी नहीं होती है या  होती भी है तो बहुत कम मात्रा में होती है।

2- सोफ्ट रियल टाइम सिस्टम (Soft real time system ) -

इस प्रकार के सिस्टम हार्ड रियल टाइम सिस्टम से थोड़ा कम सक्षम होते हैं लेकिन यह संवेदनशील कार्यों को अन्य सभी कार्यों की अपेक्षा अधिक वरीयता देते हैं। मल्टीमीडिया, वर्चुअल रियलिटी अादि में इनका अधिक उपयोग किया जाता है।


दोस्तों यह थे कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य और प्रकार । (Types of computer operating system)  आशा करता हूं कि अब आप लोग समझ चुके होंगे कि ऑपरेटिंग सिस्टम कितने प्रकार के होते हैं। और उनके क्या क्या कार्य होते हैं। इसी तरह टेक्नोलॉजी से जुड़ी जानकारी से अपडेट रहने के लिए आप हमारे ब्लॉग को भी सब्सक्राइब कर सकते हैं।

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